एनआईटी रायपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का हुआ समापन, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को दिए गए पुरुस्कार
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का समापन समारोह दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को आयोजित किया गया। एनआईटी रायपुर में 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक “सतर्कता : हमारी साझा जिम्मेदारी” विषय पर विजिलेंस अवेयरनेस वीक का आयोजन संस्थान के मुख्य विजिलेंस अधिकारी डॉ. प्रभात दीवान के मार्गदर्शन में किया गया। इस सप्ताह के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान,निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा पुरस्कार वितरण समारोह जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। समापन समारोह के मुख्य अतिथि एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ.एन.वी. रमना राव रहे, साथ ही कार्यक्रम में फैकल्टी मेंबर्स और प्रतिभागी भी उपस्थित रहे।
सबसे पहले डॉ. विवेक अग्निहोत्री ने कार्यक्रम के दौरान हुई विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के बारे में बताया तथा विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। डॉ. एन. वी. रामना राव ने अपने संबोधन में कहा कि सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर होना ईमानदारी और एकता के मूल्यों को सशक्त बनाता है। उन्होंने सभी से भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक रहते हुए संविधान के प्रति निष्ठा बनाए रखने का आह्वान किया। मुख्य सतर्कता अधिकारी डॉ. प्रभात दीवान ने कहा कि सतर्कता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवन का दृष्टिकोण है। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे आयोजनों से अधिकतम लाभ प्राप्त होने की बात कही और सभी को निष्ठा, पारदर्शिता व सत्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी रहे प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर ध्रुव शर्मा, द्वितीय स्थान पर अनुज चंद्र झा और तृतीय स्थान पर सई भाकरे एवं आयुषी तिवारी संयुक्त रूप से विजेता रहे। वाद-विवाद प्रतियोगिता में पक्ष वर्ग से प्रथम स्थान पर जागृति सिंह, द्वितीय स्थान पर आस्था प्रधान रही, वहीं विपक्ष वर्ग में प्रथम स्थान संकल्प वैद्य और द्वितीय स्थान रोहित तुरानी ने प्राप्त किया। इन सभी प्रतिभागियों को समापन समारोह में सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम के पहले एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया। नाटक के माध्यम से सतर्कता, ईमानदारी और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूकता का संदेश दिया गया। इस प्रस्तुति में उदाहरणों के माध्यम से यह दिखाया गया कि भ्रष्टाचार कहाँ-कहाँ और किस प्रकार हो रहा है और इससे कैसे लड़ा जा सकता है। इस नाटक ने दर्शकों को यह समझाया कि समाज में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।














