रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा नक्सल मामले में कांग्रेस पर लगाए आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि 1 प्रदेश में सबसे ज्यादा समय तक भाजपा की सरकार थी। भाजपा सरकार के 15 सालों में नक्सलवाद बस्तर की तीन ब्लाक से निकल कर प्रदेश के 14 जिलों तक पहुंचा है। कांग्रेस की सरकार के पांच साल में नक्सलवाद बस्तर के 40 किमी के दायरे में सिमट गया। 2022 में खुद मोदी सरकार ने गृह मंत्रालय ने इस बात को स्वीकारा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद घटनाओं में 80 प्रतिशत की कमी आई है। देश के प्रधानमंत्री नक्सलवाद जैसे विषय पर स्तरहीन राजनीति कर रहे है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार के द्वारा नक्सलियो के समर्पण कराये जाने पर सवाल पूछा कि
- सरकार बताये समर्पण के पहले नक्सलियों और सरकार के बीच क्या शांति चर्चा हुई? तथा उस शांति वार्ता के तथ्य क्या थें?
- नक्सल सरेंडर के बाद पूरे बस्तर में अघोषित रूप से नक्सल ऑपरेशन बंद क्यों हुआ?
- बस्तर में जब 200 नक्सलियों ने समर्पण किया उस समय दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री और दोनो उपमुख्यमंत्री बंद कमरे में बैठे रहे, लेकिन सरेंडर स्थल पर क्यों नहीं गये? सरेंडर के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वापस आ गये। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सरेंडर कराने जाने से क्यों हिचक रहे थे। जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तो बकायदा नक्सलियों से हथियार हाथ में वापस लेकर सरेंडर कराया था।
- ऑपरेशन बंद करके झीरम 2 करने की साजिश तो नहीं रची जा रही?














