अंबिकापुर | जिला एवं सत्र न्यायालय से सटी गुलाब कॉलोनी में बने अहाते को तोड़े जाने को लेकर कॉलोनी में रहने वाले शासकीय कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। बाउंड्री वॉल टूटने के बाद कॉलोनीवासी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। शुक्रवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में नए भवन के निर्माण की मांग अधिवक्ताओं द्वारा की जा रही है, जबकि नए न्यायालय भवन का निर्माण चठीरमा में प्रस्तावित है। अधिवक्ताओं का कहना है कि नया भवन पुराने परिसर में ही बने। इसी विवाद के बीच आरोप है कि कुछ अधिवक्ताओं ने न्यायालय से सटी गुलाब कॉलोनी की बाउंड्री वॉल तोड़ दी।
कॉलोनीवासियों को पहले घर खाली करने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया गया था, लेकिन अवधि पूरी होने से पहले ही कॉलोनी के पिछले हिस्से की दीवार तोड़ दी गई। इससे कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों में डर और नाराजगी दोनों है। लोगों का कहना है कि अब असामाजिक तत्वों के आने-जाने का खतरा बढ़ गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर कहा कि शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मांसिरो लकड़ा, कॉलोनी निवासी शासकीय महिला कर्मचारी: हम लोग यहां कई सालों से रह रहे हैं, दीवार टूटने से अब सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। रात में डर लगता है कि कोई भी अंदर आ सकता है।
फगेश सिन्हा, एसडीएम अंबिकापुर: घटना की जांच की जा रही है। जो भी व्यक्ति शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विनोद कुमार बारगाह, कॉलोनी निवासी शासकीय कर्मचारी: 15 दिन की मोहलत दी गई थी, लेकिन उससे पहले ही बाउंड्री वॉल तोड़ दी गई। इससे कॉलोनी के सभी परिवार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।














