अंबिकापुर। सीतापुर में किसानों की समस्याओं को लेकर पूर्व खाद्यमंत्री अमरजीत भगत के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में किसान सर्किट हाउस के सामने धरने पर बैठे हैं। किसानों ने धान खरीदी, रकबा घटने, पंजीयन में गड़बड़ी, गिरदावरी और एग्रीस्टेक से जुड़ी तकनीकी समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
किसानों का कहना है कि इस बार बड़ी संख्या में किसानों का रकबा घटा दिया गया है, कई किसानों का पंजीयन ही नहीं हुआ, और जिनका हुआ भी है, उनमें गिरदावरी की गलत प्रविष्टियां की गई हैं। किसानों का आरोप है कि यदि उनका धान नहीं बिकेगा तो जीवकोपार्जन कैसे होगा — यही उनकी सबसे बड़ी चिंता है।
धरनास्थल पर किसानों के साथ पूर्व खाद्यमंत्री अमरजीत भगत सहित कांग्रेस के अनेक कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मौजूद हैं। अमरजीत भगत ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर 14 सूत्रीय मांगों की सूची तैयार की गई है, जिसे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नाम से एसडीएम को ज्ञापन के रूप में सौंपा जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो किसान आंदोलन को और उग्र रूप देंगे।
सीतापुर में यह आंदोलन फिलहाल शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, लेकिन किसानों में शासन की नीतियों को लेकर गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है।














