धान खरीदी व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
अंबिकापुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए जिले में धान खरीदी को सुचारू और पारदर्शी रूप से संपादित करने जिला प्रशासन ने तैयारियाँ तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर के सभा-कक्ष (कम्पोजिट बिल्डिंग) में धान उपार्जन केंद्रों के प्रभारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन कलेक्टर विलास भोसकर ने किया।
जिले के 54 धान उपार्जन केंद्रों पर इस वर्ष 55,937 पंजीकृत किसानों से 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो चुकी है, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। प्रशिक्षण में खाद्य विभाग, मार्कफेड, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर भोसकर का सख्त संदेश—
कर्तव्य में लापरवाही पर लगेगा ESMA
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया कि धान उपार्जन कार्य पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समयबद्धता से होना चाहिए। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि शासन के निर्देशानुसार कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर ESMA के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने टोकन तुहर ऐप, एग्रीस्टेक प्रणाली और किसान पंजीयन से संबंधित प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रत्येक केंद्र प्रभारी तक अनिवार्य रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।
हर केंद्र में पटवारी और कोटवार की अनिवार्य ड्यूटी
कलेक्टर ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया में बाधा न आए, इसके लिए हर केंद्र पर एक पटवारी और एक कोटवार की उपस्थिति अनिवार्य होगी। केंद्र प्रभारी एवं ऑपरेटरों को इन दोनों के साथ पूर्ण तालमेल में कार्य करने निर्देशित किया गया है।
अनुपस्थित समिति प्रबंधकों पर कार्रवाई, दो हुए सेवा से पृथक
जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि लखनपुर और सीतापुर की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों को सेवा से हटाया गया है। जिन समिति प्रबंधकों ने प्रशिक्षण में उपस्थिति दर्ज नहीं की, उन्हें भी तत्काल सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
राजस्व अधिकारियों को उपार्जन की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में धान खरीदी की नियमित निगरानी करने को कहा है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए।
जिले में धान खरीदी का पहला सप्ताह बीतते ही प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।














