दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। दंतेवाड़ा जिले के बेहद दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र पल्लेवाया में नया सुरक्षा कैंप स्थापित कर दिया गया है। यह वही इलाका है जिसे अबूझमाड़ का कोर नक्सली जोन माना जाता था। कैंप स्थापना के साथ ही सुरक्षा बलों ने यहां मौजूद नक्सली स्मारक को भी ध्वस्त कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस और CRPF की 165वीं बटालियन ने संयुक्त अभियान चलाकर इस एफ.ओ.बी. (Forward Operating Base) की स्थापना की। यह कदम बीजापुर-नारायणपुर के उन गांवों तक विकास की राह खोलने वाला साबित होगा, जो अब तक नक्सलियों के प्रभाव के कारण सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहे हैं।
सरकार की “नियद नेल्लानार” योजना के तहत अब इन दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाने की तैयारी तेज होगी। सुरक्षा कैंप की मौजूदगी के बाद प्रशासनिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी और ग्रामीणों को दशकों बाद विकास का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केंद्र और राज्य की संयुक्त नीति ‘विकास ही सुरक्षा’ को नया रूप देती है। हाल ही में गृह मंत्री द्वारा तय किए गए “मार्च 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन” के लक्ष्य की दिशा में यह एक निर्णायक छलांग मानी जा रही है।
नए कैंप की स्थापना से सुरक्षा बलों की इलाके में पैठ और मजबूत होगी, वहीं नक्सली गतिविधियों पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है। क्षेत्र के ग्रामीणों में इस कदम को लेकर राहत और उम्मीद दोनों देखी जा रही है।














