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संघर्षों के बीच साहित्य की राह, अब तक लिख चुके हैं तीन किताबें

छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान 26 साल की उम्र में युवा साहित्यकार को मिला

अंबिकापुर।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कला एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवाओं को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया है। प्रदेशभर से कुल 9 युवाओं का चयन किया गया, जिनमें से एक युवा साहित्यकार सरगुजा संभाग से हैं। महज 26 वर्ष की उम्र में साहित्य के क्षेत्र में पहचान बना चुके अमित यादव को यह सम्मान मिला है।
स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर एक ग्रुप अवार्ड के लिए 5 लाख रुपए और 8 व्यक्तिगत अवार्ड के लिए एक-एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि भी दी गई।
2017 में शुरू हुआ लेखन का सफर
अमित यादव बताते हैं कि उन्होंने लेखन की शुरुआत 2017 में 12वीं कक्षा के दौरान की। बड़े लेखकों की रचनाओं से प्रेरित होकर उन्होंने लिखना शुरू किया। अब तक वे तीन किताबें लिख चुके हैं, जिनमें AK अनकहे अल्फ़ाज़, Amit Hidden Words और मैं तुम्हें जानता हूं शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने दो पुस्तकों का संकलन किया है और 25 से अधिक पुस्तकों में सह-लेखक के रूप में योगदान दे चुके हैं।
साहित्य के साथ-साथ वे गीत लेखन में भी सक्रिय हैं। अब तक उनके चार गीत रिलीज हो चुके हैं और अन्य गीतों पर काम जारी है।
जनरल कोच में सफर कर पहुंचे रायपुर
सम्मान की सूचना अचानक मिलने के कारण रायपुर पहुंचना भी आसान नहीं था। रविवार के दिन कॉल आने के बाद तत्काल टिकट उपलब्ध नहीं हो सका। ऐसे में अमित अपने पिता के साथ जनरल कोच में यात्रा कर रायपुर पहुंचे। भीड़ इतनी थी कि पूरी रात खड़े-खड़े सफर करना पड़ा, लेकिन सम्मान पाने का जज़्बा हर कठिनाई पर भारी पड़ा।
साधारण परिवार, असाधारण हौसला
अमित के पिता वर्तमान में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी में नाइट ड्यूटी करते हैं। पहले वे पेंटिंग का काम करते थे, लेकिन एक दुर्घटना के बाद उन्हें वह काम छोड़ना पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य रही, जिसके कारण अमित को भी 12वीं के बाद काम करना पड़ा। वे फिलहाल एक प्राइवेट एनजीओ में नौकरी कर रहे हैं।
रातों में लिखी गई रचनाएं
अमित बताते हैं कि लेखन उनके लिए शौक नहीं, बल्कि जुनून है। दिनभर काम करने के बाद जब घर में शांति होती है, तब वे रात में लिखते हैं। उसी समय में उनकी रचनाएं आकार लेती हैं।
चौथी किताब पर काम जारी
अमित यादव अब अपनी चौथी किताब, जो कि कहानियों पर आधारित होगी, उस पर काम कर रहे हैं। वे मानते हैं कि संघर्ष ही उनकी लेखनी की ताकत है और आगे भी वे इसी क्षेत्र में खुद को और आगे बढ़ाना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान मिलने के बाद सरगुजा अंचल में खुशी और गर्व का माहौल है।

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