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कांग्रेस के विरोध के बाद अंततः मुफ्त जांच के लिए मजबूर हुई, उसमें भी भेदभाव कर रही है सरकार

मेकाहारा के साथ ही प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में सभी बेसिक जांच निःशुल्क होना चाहिए

रायपुर। कांग्रेस के विरोध के बाद मेकाहारा में सिटी स्कैन और एमआरआई के निःशुल्क जांच की घोषणा को अपर्याप्त बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेन्द्र वर्मा ने कहा कि विगत 1 महिने से जांच और इलाज बंद रखने के बाद अब स्वास्थ्य मंत्री को सुध आयी है। अभी केवल घोषणा तक सिमित है, अभी तक निःशुल्क जांच की सुविधा शुरू नहीं हुआ है। सभी बेसिक जांच एक्सरे, सोनोग्राफी, सिटी स्कैन, एमआरआई, खून पेशाब परीक्षण सहित सभी तरह की आवश्यक जांच केवल मेकाहारा ही नहीं प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल और सरकारी अस्पतालो में निःशुल्क जांच होना चाहिये।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार के तुगलकी फरमान से ऐसा लगता है स्वास्थ्य विभाग के पास केवल एक ही मेडिकल कॉलेज है, क्या छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों से सभी मरीजों को निःशुल्क सिटी स्कैन की सुविधा के लिए राजधानी रायपुर में ही आना पड़ेगा? यह सुविधा सभी आयुष्मान कार्ड धारकों को, सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में संचालित सी टी स्कैन में भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जा सकती है, इससे मरीज को इलाज में सुविधा होगी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार की कमीशनखोरी के कारण आयुष्मान कार्ड से जांच का पैकेज निजी लैब से महंगे है, तकनीकी के विकास से दरें कम हुई हैं फिर भी आयुष्मान कार्ड से अधिक पैसा काटा जा रहा है, जो सिटी स्कैन बाहर में दो हजार में हो जाते है उसके लिये 2500 से 2800 रू. आयुष्मान कार्ड से काटा जा रहा है, उसी तरह एमआरआई जांच जो 4000 से 5000 में हो जाता है, उसके लिये 6000 से 8000 पैकेज से काटा जा रहा है, जिसका सीधा नुकसान हितग्राहियों को हो रहा है, जांच पैकेज के रेट का निर्धारण फिर से किया जाना चाहिए। भाजपा सरकार में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। मरीज जांच, इलाज और दवा के अभाव में बेमौत मरने मजबूर हैं।

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