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अंबिकापुर में अधिवक्ताओं का कलमबंद आंदोलन स्थगित — मुख्य न्यायाधीश से मिले आश्वासन के बाद निर्णय

अंबिकापुर। जिला अधिवक्ता संघ, सरगुजा (अंबिकापुर) द्वारा न्यायालय भवन को वर्तमान स्थल पर ही निर्मित किए जाने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन कलमबंद आंदोलन अब स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय संघ को मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर से मिले सकारात्मक मौखिक आश्वासन के बाद लिया गया।

संघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिनांक 11 नवम्बर 2025 को जिला अधिवक्ता संघ एवं संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल बिलासपुर जाकर माननीय मुख्य न्यायाधीश से भेंट किया। प्रतिनिधिमंडल ने न्यायालय भवन स्थानांतरण से जुड़ी समस्त दस्तावेज़, जनभावनाएं एवं तथ्यात्मक स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

मुख्य न्यायाधीश महोदय ने अधिवक्ताओं की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना और मौखिक रूप से आश्वस्त किया कि उपलब्ध अभिलेखों, दस्तावेज़ों एवं वस्तुस्थिति का परीक्षण कर वर्तमान स्थल पर ही न्यायालय भवन निर्माण के लिए यथासंभव सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश ने इसी अवसर पर कलेक्टर सरगुजा से दूरभाष पर चर्चा कर गुलाब कॉलोनी क्षेत्र को 15 दिनों के भीतर कब्जा मुक्त कराने और तोड़फोड़ की कार्यवाही प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए, ताकि न्यायालय परिसर के विस्तार एवं निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो सके।

संघ की संघर्ष समिति ने इन सकारात्मक घटनाक्रमों के आधार पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 06 नवम्बर से चल रहा अनिश्चितकालीन कलमबंद आंदोलन फिलहाल स्थगित किया जाए।

संघ ने इसे अधिवक्ताओं की एकता, धैर्य और जनसमर्थन की जीत बताया है, जिसने शासन, प्रशासन और न्यायपालिका को इस विषय पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर संघ ने उन सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारी संघों और मीडिया सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने आंदोलन को समर्थन दिया। संघ ने कहा है कि न्यायालय भवन निर्माण की दिशा में होने वाली प्रगति पर संघ की संघर्ष समिति सतत निगरानी रखेगी, और यदि आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन पुनः प्रारंभ करने से भी परहेज़ नहीं किया जाएगा।

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