सरगुजा आबकारी उड़नदस्ता की सबसे बड़ी सफलता
ग्रैंड विटारा कार से मिला गांजा, NDPS एक्ट में कार्रवाई — दोनों आरोपी जेल दाखिल
अंबिकापुर। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा टीम को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। टीम ने 12 लाख रुपये मूल्य का 56.559 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। तस्करी में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि घटना 3 नवम्बर की शाम की है। आबकारी विभाग की टीम थाना लखनपुर क्षेत्र के पुहपुटरा मार्ग पर गश्त कर रही थी। इस दौरान एक नई ग्रैंड विटारा कार को ओवरटेक करने पर उसके चालक में घबराहट देखी गई। शक के आधार पर कार को रोका गया और पूछताछ करने पर ड्राइवर ने खुद बताया कि वाहन में गांजा रखा हुआ है।
जब कार की तलाशी ली गई तो टीम हक्की-बक्की रह गई — कार के हर हिस्से में गांजा के पैकेट छिपाए गए थे। कुल 54 पैकेट गांजा बरामद हुए जिनका वजन 56.559 किलोग्राम और बाजार मूल्य लगभग ₹12 लाख आँका गया।
आरोपियों की पहचान जगत राम राजवाड़े (नवापारा, थाना लखनपुर) और अरविंद राजवाड़े (भिट्ठीकला, थाना मणिपुर) के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20 (C) के तहत मामला दर्ज कर 4 नवम्बर को विशेष न्यायाधीश नारकोटिक्स, अंबिकापुर के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से दोनों को जेल भेजने का आदेश दिया गया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि यह सरगुजा उड़नदस्ता टीम की गांजा जब्ती की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले पिछले वर्ष मुकेश राम यादव को 40 किलो गांजा के साथ पकड़ा गया था, जिसे अदालत ने 14 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹1 लाख जुर्माने की सजा सुनाई थी।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक तेजराम केहरी, मुख्य आरक्षक रमेश दुबे, नगर सैनिक गणेश पांडे, रणविजय सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, महिला सैनिक राजकुमारी सिंह, अंजू एक्का, एवं आबकारी स्टाफ नीरज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।














