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प्रोफेसर प्यारेलाल आदिले केरवाद्वारी विद्यालय के कैरियर निर्माण एवं सम्मान समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए

शिक्षा एवं संस्कार से कैरियर और चरित्र निर्माण होता है — प्रोफेसर प्यारेलाल आदिले

कोरबा।

शिक्षा मनुष्य के कौशल और व्यक्तित्व विकास का माध्यम है, जबकि संस्कार उसके चरित्र निर्माण की नींव हैं।” — यह उद्गार प्रसिद्ध शिक्षाविद् प्रोफेसर प्यारेलाल आदिले, प्राचार्य जय बूढ़ादेव कला एवं विज्ञान महाविद्यालय कटघोरा ने व्यक्त किए।
वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरवाद्वारी में आयोजित “कैरियर निर्माण एवं सम्मान समारोह” में मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में बोल रहे थे।

शिक्षा और संस्कार का समन्वय ही सफलता की कुंजी

प्रोफेसर आदिले ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह व्यक्ति के विचार, व्यवहार और चरित्र को परिष्कृत करती है।
उन्होंने कहा —

“हमें विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों पर भी ध्यान देना चाहिए। शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका बच्चों के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

कार्यक्रम की शुरुआत और स्वागत समारोह

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के तेल चित्र पर पूजा-अर्चना और माल्यार्पण से हुई।
मुख्य अतिथि सुश्री लेखनी साहू (राष्ट्रपति पुरस्कृत, राष्ट्रीय सेवा योजना), प्रो. प्यारेलाल आदिले, डा. मनोज कुमार गुप्ता और अन्य अतिथियों का कर्मा नृत्य दल द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय परिवार और रामपुर विधानसभा के विधायक फूल सिंह राठिया के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।

अतिथियों का सम्मान और प्रेरक संदेश

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्राचार्य सतीश कुमार गुप्ता, व्याख्याता उत्तम कुमार तिवारी, कृष्णा लाल साहू, सुधारानी राठौर, जयंती राठिया, गजाधर सिंह कंवर, और अन्य शिक्षकों द्वारा किया गया।
छात्र-छात्राओं में प्रेमलता, रश्मि, पूनम, विनीता, माहेश्वरी, राजेश्वरी, सुरेंद्र, वंदना, रोशनी, यशवंत आदि ने अतिथियों का अभिनंदन किया।

विशिष्ट अतिथियों में सरपंच प्रमिला बाई राठिया, राजेंद्र कुमार राठिया (अध्यक्ष, एसएमडीसी), संतराम राठिया, परमेश्वर राठिया (पूर्व सरपंच), दुल्ली सिंह जगत (प्रधान पाठक) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

प्रेरक वक्तव्य

राष्ट्रपति पुरस्कृत सुश्री लेखनी साहू ने कहा —

“विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामुदायिक कार्यों में जुड़ना चाहिए। कठिनाइयों के बावजूद सतत मेहनत करने से सफलता निश्चित मिलती है।”

डॉ. मनोज कुमार गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा —

“जो विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का सही उपयोग करता है, वही सफलता अर्जित करता है। बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में आने वाले विद्यार्थियों को मैं हवाई यात्रा का अवसर दूंगा।”

आभार एवं समापन

प्राचार्य सतीश कुमार गुप्ता ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया, जबकि व्याख्याता जोहर सिंह धुर्वे ने आभार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता श्रीमती ज्योति शर्मा ने किया।
समारोह के अंत में अतिथियों का शाल, श्रीफल, सम्मान पत्र और अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया गया।

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