रायगढ़। तमनार विकासखंड के धौराभांठा में जिंदल कोल माइंस की प्रस्तावित जनसुनवाई के विरोध में 14 प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज़ होता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन से उनकी जमीन, जंगल, नदी-नाले और आजीविका पर गंभीर खतरा उत्पन्न होगा, इसलिए वे किसी भी कीमत पर जनसुनवाई नहीं होने देना चाहते।
ग्रामीणों के इस आंदोलन को समर्थन देने आज छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सहप्रभारी जरीता लैतफलांग, लैलूंगा की विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार, तथा कांग्रेस कार्यकर्ता धौराभांठा पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने धरना स्थल पर बैठकर ग्रामीणों से चर्चा की और उनके मुद्दों को विधिवत सरकार व प्रशासन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
नेताओं ने कहा कि जब तक प्रभावित ग्रामों की सहमति और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक किसी भी प्रकार की जनसुनवाई या खनन गतिविधि आगे नहीं बढ़नी चाहिए। उधर, ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे अपने हक़ और पर्यावरण की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
ग्रामीणों का विरोध और कांग्रेस नेताओं का समर्थन मिल जाने के बाद धौराभांठा का आंदोलन अब और तेज़ होता दिख रहा है।














