स्मार्ट मीटर सिस्टम जनता की जेब पर डकैती : कांग्रेस
रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर बिजली उपभोक्ताओं का शोषण करने का आरोप लगाते हुए स्मार्ट मीटर व्यवस्था को “जनता की जेब पर सरकारी डकैती” बताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में भाजपा सरकार ने चार बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की है। वहीं 400 यूनिट तक मिलने वाली छूट घटाकर 200 यूनिट कर दी और यह शर्त भी जोड़ दी कि खपत 400 यूनिट पार होते ही सभी रियायतें खत्म हो जाएंगी।
वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने घर-घर स्मार्ट मीटर लगाकर अनावश्यक वसूली शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दिखा रहे हैं और सामान्य मीटर की तुलना में तेज चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मीटर चेक वेरिफिकेशन की सुविधा पहले से मौजूद थी, लेकिन गड़बड़ी छुपाने के लिए सरकार ने अब मीटर चेक कराने पर 1000 से 1500 रुपये शुल्क का प्रावधान कर दिया है। वर्मा ने मांग की कि यदि उपभोक्ता मीटर में गड़बड़ी की शिकायत करते हैं, तो जांच मुफ्त की जाए। शुल्क लगाना अनुचित है और सरकार को इसे तत्काल वापस लेना चाहिए।
बिना सहमति जबरन लगाए स्मार्ट मीटर
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पॉवर कंपनी उपभोक्ता के साथ हुए एग्रीमेंट के आधार पर ही बिजली सप्लाई करती है। नियमों के अनुसार मीटर बदलने से पहले उपभोक्ता की सहमति जरूरी होती है, लेकिन बिना पूछे स्मार्ट मीटर थोप दिए गए। अब औसत खपत से कई गुना अधिक बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं।
वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर कदम पर जनता से पैसा वसूलने पर आमादा है। मीटर चेक शुल्क वापसी की वे मांग कर रहे हैं और कहा कि जहां भी तेज रीडिंग की शिकायत आए, वहां तुरंत निःशुल्क जांच की जाए।














