अंबिकापुर। अंबिकापुर के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में विजन समाजसेवी संस्था के तत्वावधान में “जीवन अनमोल है” थीम पर मानसिक स्वास्थ्य हमारा अधिकार विषय को लेकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संयोजक अधिवक्ता एवं समाजसेविका शिल्पा पाण्डेय सृष्टि ने जागरूकता कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ मस्तिष्क वाले बच्चे तीन मजबूत स्तंभों का परिणाम होते हैं—पहला स्वयं बच्चा, दूसरा अभिभावकों के संस्कार और तीसरा शिक्षकों का व्यवहार व मार्गदर्शन।
उन्होंने कहा कि कस्तूरबा आवासीय विद्यालय अनुशासन और संस्कार का उत्कृष्ट समन्वय है। आवश्यकता इस बात की है कि इस शिक्षा की यज्ञशाला में हर बच्चा मानसिक रूप से मजबूत बने। उन्होंने कहा कि “जीवन अनमोल है और स्वस्थ मन व स्वस्थ मां से ही मजबूत समाज की नींव रखी जा सकती है।”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संतोष दास ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। जब बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत किया जाता है, तो देश का भविष्य स्वतः संवरता है। उन्होंने छात्राओं को संदेश देते हुए कहा कि कम अंक आने पर निराश न हों, प्रयास जारी रखें, खुलकर जिएं और अवसाद को अपने जीवन से बाहर करें।
विशिष्ट अतिथि पुलिस विभाग के ऊर्जावान अधिकारी अभय तिवारी ने कहा कि हर परिस्थिति का मजबूती से सामना करना ही सशक्त व्यक्तित्व की पहचान है। छात्राओं के चेहरों पर मुस्कान देखकर उन्होंने विश्वास जताया कि वे जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखती हैं। उन्होंने कहा कि “सब कुछ ठीक हो जाता है, बस खुद पर भरोसा रखना जरूरी है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी मंगल पाण्डेय ने की। उन्होंने कहा कि संस्कारवान बच्चे ही स्वस्थ मस्तिष्क के मालिक बनते हैं, इसलिए परिवार के संस्कारों को कभी न छोड़ें और अनुशासन में रहें।
आवासीय विद्यालय की छात्रावास अधीक्षक गुलाब खेश ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान कई छात्राओं ने अपनी समस्याएं लिखित रूप में साझा कीं, जिन पर गंभीर और गोपनीय विषयों पर कार्यक्रम संयोजक द्वारा वन-टू-वन चर्चा की गई।
कार्यक्रम में विजन समाजसेवी संस्था से राजू यादव उपस्थित रहे। इस जागरूकता कार्यशाला में लगभग 200 छात्राओं ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि विजन समाजसेवी संस्था की निर्देशिका शिल्पा पाण्डेय सृष्टि लगातार विभिन्न स्कूलों और छात्रावासों में जाकर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने हेतु कार्यशालाएं आयोजित कर रही हैं।














