रायगढ़। जिले में लगातार बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण और उससे जनजीवन पर पड़ रहे गंभीर दुष्प्रभावों के खिलाफ अब सामाजिक चेतना खुलकर सामने आ गई है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा के नेतृत्व में रायगढ़वासियों ने जिला प्रशासन को दोटूक संदेश दिया है कि अब जिले में किसी भी नए उद्योग, औद्योगिक विस्तार या उससे जुड़ी जनसुनवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जनता का कहना है कि वर्षों से उद्योगों के नाम पर पर्यावरण, स्वास्थ्य और भविष्य के साथ समझौता किया जा रहा है। प्रदूषित हवा, जहरीला पानी और बीमारियों का बढ़ता खतरा आम नागरिक के जीवन को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में अब चुप रहना आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा। इसी सोच के साथ ग्रामीणों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर प्रशासन को चेतावनी दी है।
दीपक शर्मा ने स्पष्ट कहा कि विकास के नाम पर विनाश अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन और उद्योग समूह जनता की आवाज को अनदेखा करते हैं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। लोगों ने यह भी कहा कि वे अपने अधिकार, अपनी जमीन और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक कदम उठाने को तैयार हैं।
यह आंदोलन केवल विरोध नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि रायगढ़ की जनता अब अपने भविष्य को लेकर सजग और संगठित हो चुकी है।














