अंबिकापुर। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत करमहा (सीमा क्षेत्र अंबिकापुर) के वीर सपूत बहोरन राम चेरवा ने भारतीय सेना में वर्षों तक देश सेवा करने के बाद अब जनसेवा का संकल्प लिया है। सेवानिवृत्ति के बाद जब वे अपने गांव लौटे, तो ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया।
बहोरन राम चेरवा का कहना है कि उनका गांव अब भी काफी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके अलावा अब तक गांव का कोई भी युवा भारतीय सेना में भर्ती नहीं हो पाया है। अब वे अपने अनुभव और मार्गदर्शन से गांव के पढ़े-लिखे युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करेंगे और उन्हें भर्ती की तैयारी के लिए प्रशिक्षण भी देंगे।
उन्होंने कहा कि मैंने देश की सेवा कर ली, अब मेरा लक्ष्य गांव और समाज की सेवा करना है। गांव के युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सेना भर्ती के योग्य बनाना मेरा अगला उद्देश्य है।
गांव की सरपंच सोनिका सोनपाकर, जो बहोरन राम चेरवा की पत्नी हैं, ने भी समाजसेवा की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाया है। उन्होंने पंचायत चुनाव जीतने के बाद गांव में शराबबंदी लागू करने की पहल की थी। आज यह गांव पूरी तरह शराबमुक्त है।
अब बहोरन राम चेरवा और उनकी पत्नी सोनिका मिलकर गांव के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और समाज सुधार की दिशा में प्रेरित करने की नई पहल करने जा रहे हैं।
बहोरन राम चेरवा, भूतपूर्व सैनिक: हमारा गांव पिछड़ा हुआ है, मैं चाहता हूं कि अब हमारे गांव के युवा भी देश की सेवा करें। उन्हें फौज में भर्ती होने के लिए प्रेरित करूंगा और जो भी मार्गदर्शन चाहिए होगा, वो दूंगा।














