तातापानी और मैनपाट महोत्सव से पहले जर्जर सड़कों के निर्माण की उठी आवाज, तख्तियां लेकर उतरे सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में सड़कों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण की कवायद पूरी नहीं हो पाई है। इसी मुद्दे को लेकर अंबिकापुर के घड़ी चौक पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से बलरामपुर जिले के तातापानी महोत्सव और सरगुजा जिले के मैनपाट कार्निवाल से पहले सड़कों के निर्माण की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे अंबिकापुर शहर के निवासी हैं और लंबे समय से जर्जर हो चुकी सड़कों के कारण परेशान हैं। आए दिन गड्ढों से भरी सड़कों पर दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद सड़कों की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अंबिकापुर शहर सहित पूरे सरगुजा संभाग में सड़कों के निर्माण के लिए शिलान्यास हो चुका है और बजट की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। लोगों ने मांग की कि महोत्सवों के आयोजन से पहले सरकार ‘सड़क महोत्सव’ चलाकर सड़कों का निर्माण कराए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तातापानी महोत्सव हो या मैनपाट कार्निवाल, दोनों ही आयोजनों में पहुंचने के लिए लोगों को खस्ताहाल सड़कों से होकर गुजरना पड़ेगा, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सरकार और जिला प्रशासन को चाहिए कि वह प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कराए।
प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोगों ने कहा कि जिले और संभागवासियों की पहली जरूरत सड़क है, लेकिन बदहाल सड़कों के कारण मिनटों का सफर घंटों में तय करना पड़ता है। वहीं महोत्सवों के आयोजन पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इन राशियों का उपयोग सड़कों के निर्माण में कर राहगीरों को राहत दी जाए।
बहरहाल, अब देखना होगा कि सरकार और जिला प्रशासन बदहाल सड़कों के निर्माण की दिशा में ठोस पहल करते हैं या फिर महोत्सवों के आयोजन पर ही भारी भरकम खर्च जारी रहेगा।














