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“दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने 12 घंटे की सर्जरी के बाद मरीज के दोनों कटे हाथ जोड़े”

दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में डॉक्टरों का करिश्मा — मरीज के दोनों कटे हाथ सफलतापूर्वक जोड़े गए

🩺 धरती के भगवान बने गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर

12 घंटे की जटिल सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने की इतिहास रचना, दिल्ली का पहला हैंड ट्रांसप्लांट

नई दिल्ली।
कहते हैं, डॉक्टर धरती के भगवान होते हैं — जो ना सिर्फ जान बचाते हैं बल्कि असंभव को संभव कर दिखाते हैं।
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में डॉक्टरों ने ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है।
यहां चिकित्सकों ने मरीज के दोनों कटे हाथ दोबारा जोड़कर उसे नई जिंदगी दी है।

देश की राजधानी में हुआ पहला हैंड ट्रांसप्लांट

अस्पताल का दावा है कि यह दिल्ली का पहला हैंड ट्रांसप्लांट है और उत्तर भारत का पहला हाथों का अंगदान भी।
अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चेयरमैन डॉ. महेश मंगल और डॉ. निखिल झुनझुनवाला के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने यह जटिल सर्जरी पूरी की।
करीब 12 घंटे की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने मरीज के दोनों हाथ सफलतापूर्वक जोड़ दिए।

ट्रेन हादसे में कट गए थे हाथ

जानकारी के अनुसार, नांगलोई निवासी 45 वर्षीय मरीज के दोनों हाथ साल 2020 में एक ट्रेन हादसे में कट गए थे।
उस समय अस्पताल में सर्जरी कर हाथों को बंद कर दिया गया था।
हाल ही में 61 वर्षीय महिला के अंगदान से प्राप्त दोनों हाथों को इस मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया।

दान से मिली नई जिंदग

अंगदान करने वाली महिला ब्रेन हेमरेज की शिकार थीं।
उनके हाथों के अलावा अन्य तीन मरीजों को जीवनदान मिला, जबकि दो लोगों को आंखों की रोशनी प्राप्त हुई।
अंगदान की इस प्रक्रिया ने कई लोगों को नई शुरुआत दी है।

सर्जरी की तकनीकी जटिलता

डॉ. महेश मंगल के अनुसार,

“दोनों हाथों को प्रत्यारोपित करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। दान में मिले हाथों को डोनर की कोहनी के ऊपर से निकाला गया और रिसीवर के हाथों से जोड़ दिया गया।”

सर्जरी के दौरान हाथ की नसों, धमनियों और हड्डियों को बारी-बारी से जोड़ा गया।
डॉ. निखिल झुनझुनवाला ने बताया कि सर्जरी के बाद मरीज के हाथ में रक्त संचार सामान्य है और वह कोहनी से हाथ चलाने में सक्षम है।
आने वाले दिनों में उसमें और सुधार की उम्मीद है।

अंगदान का बढ़ता महत्व

यह ऑपरेशन न सिर्फ मेडिकल साइंस की जीत है, बल्कि अंगदान की सामाजिक प्रेरणा भी देता है।
डॉक्टरों ने कहा —

“हर सफल अंगदान किसी न किसी को नई जिंदगी देता है। समाज को इस दिशा में जागरूक होना चाहिए।”

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