छत्तीसगढ़ में “ऑपरेशन जमानत” जेल से निकलवाने ‘जादुई शॉर्टकट’!
चार युवक पहुंचे थे श्मशान घाट, ग्रामीणों ने घेरा तो मची भगदड़; एक पकड़ाया, तीन अंधेरे में फरार
रायपुर । अदालत में जमानत का रास्ता कानून से निकलता है, लेकिन बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी में कुछ युवकों ने कथित तौर पर इसके लिए ऐसा रास्ता चुन लिया, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। शुक्रवार देर रात गांव के मुक्तिधाम में चार युवक कथित तांत्रिक क्रिया करते मिले। मौके पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित तीन व्यक्तियों की तस्वीरें, मरी हुई मछली, नींबू, सिंदूर, नारियल, अक्षत और अन्य पूजा सामग्री मिलने की बात सामने आई है। ग्रामीणों की सक्रियता से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
मुक्तिधाम में आधी रात ‘ऑपरेशन जमानत’!
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब देवरी गांव के मुक्तिधाम की ओर रात में असामान्य हलचल और रोशनी दिखाई दी। ग्रामीणों को संदेह हुआ तो कुछ लोग मौके की ओर पहुंचे। वहां चार युवक कथित रूप से पूजा-पाठ और तांत्रिक क्रिया करते दिखाई दिए। ग्रामीणों को अपनी ओर आता देखकर युवकों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने मौके से भागने की कोशिश की। ग्रामीणों ने पीछा कर एक युवक को पकड़ लिया, जबकि तीन अन्य वहां से निकलने में सफल रहे।
तस्वीरें देखकर ग्रामीण भी रह गए दंग
मौके पर रखी सामग्री ने पूरे घटनाक्रम को और रहस्यमय बना दिया। कथित पूजा स्थल से मरी हुई मछली, नींबू, सिंदूर, नारियल, अक्षत सहित अन्य सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और दो अन्य व्यक्तियों की तस्वीरें भी वहां रखी मिलीं। तस्वीरों को कथित तांत्रिक क्रिया में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
जेल में रिश्तेदार, दिमाग में जमानत का ‘तांत्रिक फॉर्मूला’!
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए युवक ने कथित तौर पर बताया कि उसका एक रिश्तेदार गंभीर आपराधिक मामले में जेल में बंद है। उसकी जमानत कराने के लिए उसने सोशल मीडिया के माध्यम से एक कथित तांत्रिक से संपर्क किया था। आरोप है कि तांत्रिक ने उसे विश्वास दिलाया कि जजों और संबंधित व्यक्तियों की तस्वीरें रखकर श्मशान घाट में विशेष तांत्रिक क्रिया करने से जेल में बंद रिश्तेदार की जमानत का रास्ता आसान हो जाएगा।
बताया जा रहा है कि इसी कथित झांसे में आकर युवक अपने साथियों के साथ रात के समय देवरी के मुक्तिधाम पहुंचा था। हालांकि पुलिस पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे दावे की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
एक गिरफ्त में, तीन की तलाश
ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए युवक को सीपत थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस अब फरार तीन युवकों की तलाश में जुटी है। साथ ही कथित तांत्रिक तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया संपर्क, मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच किए जाने की बात सामने आई है।
वीडियो वायरल हुआ तो मचा हड़कंप
घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में दिखाई देने वाली सामग्री और मौके से बरामद वस्तुओं को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पुलिस द्वारा वायरल वीडियो की सत्यता, उसकी उत्पत्ति और घटनास्थल से उसके संबंध की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने अब कई सवाल
पूरे मामले में पुलिस के सामने केवल तीन फरार युवकों को पकड़ने की चुनौती नहीं है। जांच का अहम हिस्सा यह भी है कि कथित तांत्रिक कौन है, युवकों का उससे संपर्क कैसे हुआ, तस्वीरें कहां से प्राप्त की गईं, तांत्रिक क्रिया के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी है।
बरामद तस्वीरों, पूजा सामग्री, मोबाइल फोन, वीडियो तथा अन्य संभावित साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है।
कानून के दरवाजे पर तंत्र-मंत्र का रास्ता नहीं चलता
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब न्यायिक प्रक्रिया स्पष्ट रूप से कानून और साक्ष्यों पर आधारित है, तब जमानत जैसे कानूनी उपाय के लिए अंधविश्वास और कथित तांत्रिक उपायों का सहारा लेने की प्रवृत्ति आखिर कहां तक उचित है। किसी न्यायिक पद पर आसीन व्यक्ति की तस्वीर का कथित रूप से तांत्रिक क्रिया में इस्तेमाल किया जाना भी जांच का गंभीर विषय है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। पकड़े गए युवक से पूछताछ, फरार आरोपियों की तलाश और कथित तांत्रिक की पहचान के बाद ही इस पूरे रहस्यमय घटनाक्रम की असली तस्वीर सामने आएगी।














