परिजनों ने आईजी कार्यालय का घेराव कर की नारेबाजी, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत रहे साथ
संजय रजक सरगुजा/बलरामपुर। बलरामपुर में हुई संदिग्ध पुलिस कस्टोडियल डेथ का मामला अब भी शांत नहीं हुआ है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी मृतक उमेश के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। सोमवार को अपनी मांगों को लेकर परिजनों ने सरगुजा आईजी कार्यालय का घेराव किया और सड़क पर बैठकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी उनके साथ मौजूद रहे।
परिजनों की प्रमुख मांग है कि शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम (पीएम) कराया जाए और मृतक उमेश को हिरासत में लेने वाले पुलिसकर्मियों तथा परिजनों पर लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
आईजी ने इस मामले में कहा कि न्यायिक जांच जारी है, इसलिए परिजनों को अपनी बात जांच समिति के समक्ष रखने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, तीन दिन पहले बलरामपुर पुलिस ने उमेश नाम के युवक को हिरासत में लिया था, जिसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना कर मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है।
वहीं, पुलिस इस मौत को कभी सिकलिंग तो कभी हार्ट अटैक से हुई बताती रही है।
मामला तब और गरमाया जब परिजनों ने शव का दोबारा पीएम कराने की मांग करते हुए हंगामा किया, इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया था।
इसी के विरोध में परिजन सोमवार को आईजी कार्यालय पहुंचे और न्याय की मांग की।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने पीड़ित परिवार की मांग को जायज बताया है और कहा कि न्यायिक जांच निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए। इधर, आईजी का कहना है कि जांच पूरी होते ही रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।














