न्यायालय जनता के बीच होना चाहिए, न कि जनता से मीलों दूर न्यायालय भवन के स्थानांतरण के विरोध में अधिवक्ताओं की विशाल रैली अधिवक्ता संघ का आह्वान
अंबिकापुर | नवीन न्यायालय भवन के विवादित स्थानांतरण के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ, सरगुजा (अंबिकापुर) द्वारा आज एक विशाल जनजागरूकता रैली निकाली गई।
रैली का शुभारंभ दोपहर 12 बजे जिला न्यायालय परिसर से संघ की संघर्ष समिति के संयोजक संतोष सिंह के नेतृत्व में किया गया।
रैली महामाया चौक, सदर रोड, अग्रसेन चौक, पुराना बस स्टैंड, ब्रह्म रोड और संगम चौक होते हुए गांधी स्टेडियम तक पहुँची। मार्ग में अधिवक्ताओं ने नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि “न्यायालय भवन का स्थानांतरण केवल ईंट-पत्थर का नहीं, बल्कि न्याय की पहुंच का स्थानांतरण है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि इससे वादकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों सभी को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
जोशीले वक्तव्यों से गूंजी आम सभा
गांधी स्टेडियम पहुँचने के बाद न्यायालय मुख्य द्वार पर आम सभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता अनिल सोनी ने की।
वक्ताओं ने कहा कि “न्यायालय केवल भवन नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की आत्मा है। इसे जनता से दूर करना, न्याय को दूर करना है।
संघ के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की सुलभता और गरिमा के संरक्षण के लिए है।
सभा में अधिवक्ताओं ने कहा हम वकील हैं, न्याय के प्रहरी हैं। जब न्याय की सुविधा पर आंच आती है, तो हमारा मौन भी अन्याय बन जाता है। यह रैली जनता की आवाज बन चुकी है और न्यायालय की गरिमा तथा जनता के अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है।
नगर निगम और आम आदमी पार्टी ने दिया समर्थन
सभा में नगर निगम अंबिकापुर के एमआईसी सदस्य मनीष सिंह ने नगर निगम की ओर से अधिवक्ताओं की मांगों का समर्थन किया और कहा कि “नगर निगम सदैव जनता और न्याय व्यवस्था के साथ खड़ा है।”
वहीं आम आदमी पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र बहादुर सिंह ने भी अधिवक्ताओं की मांगों को पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार आज से अनिश्चितकालीन
सभा के अंत में अधिवक्ता संघ की संघर्ष समिति ने घोषणा की कि 7 नवम्बर 2025 से संघ से पंजीकृत सभी अधिवक्ता अनिश्चितकाल के लिए कार्य से विरत रहेंगे।
कार्यक्रम का समापन संघ के सचिव सम्पूर्णांक गुप्ता द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।
पूरी रैली एवं सभा लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और शालीन वातावरण में संपन्न हुई।
रैली में बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे शामिल
संघर्ष समिति के सदस्य संजय अंबष्ट, जनार्दन त्रिपाठी, अली अख्तर रिजवी,
उपाध्यक्ष सरिता पांडेय, नितेश चंद्र शुक्ल,
सचिव सम्पूर्णांक गुप्ता, सह सचिव चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव,
कोषाध्यक्ष दिलीप गुप्ता, ग्रंथालय प्रभारी अनिल सिन्हा,
क्रीड़ा सचिव रोहित तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य गजेंद्र सिंह, प्रमोद तिवारी, उमंग दुबे, नचिकेता जायसवाल, राजीव सिन्हा, धनंजय मिश्रा, हेमंत तिवारी, अशोक सिंह, श्याम नारायण पांडेय, विजय तिवारी, नीरज वर्मा, धर्मेंद्र नायडू, संदीप तिवारी, दुर्गा शरण सिंह चौहान, वेद प्रकाश सिन्हा, कौशल किशोर दुबे, पंकज गुप्ता, पवन पांडेय, अश्विनी पांडेय, दिवाकर गुप्ता, दशरथ गुप्ता, सलमा रिजवी, चंद्रेश नंदन झा, आशा तिवारी, रेखा सोनी, अमरेंद्र गुप्ता, अशोक ठाकुर, प्रकाशमणि त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।














