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टीएलपीएस रिपोर्ट से सामने आईं कक्षा शिक्षण की चुनौतियां, बुनियादी अधिगम सुधारने पर जोर

रायपुर। प्रदेश में बुनियादी अधिगम (फाउंडेशनल लर्निंग) को मजबूत बनाने की दिशा में शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित एससीईआरटी, शंकर नगर परिसर में टीचिंग लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे (TLPS) छत्तीसगढ़ की राज्य स्तरीय रिपोर्ट का अनावरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा शिक्षण की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण कर उसे अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सुझाव और कार्ययोजना प्रस्तुत करना रहा।
यह पहल लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (LLF) द्वारा टाटा ट्रस्ट्स के सहयोग से संचालित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत पंजीयन, स्वागत एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद एससीईआरटी छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और टीएलपीएस वीडियो के साथ राज्य स्तरीय रिपोर्ट का विमोचन किया।
मुख्य वक्तव्य में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के अतिरिक्त संचालक जे.पी. रथ, संयुक्त संचालक के. कुमार तथा एलएलएफ के राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. महेंद्र कुमार मिश्रा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, बहुभाषी शिक्षा और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को सुदृढ़ करने पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान एलएलएफ के वरिष्ठ विशेषज्ञ अजय गुप्ता ने टीएलपीएस के उद्देश्य एवं प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं वरिष्ठ स्पेशलिस्ट संजय गुलाटी ने छत्तीसगढ़ टीएलपीएस रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष और अनुशंसाएं प्रस्तुत कीं। एलएलएफ की शुभ्रा सेन ने शिक्षकों के लिए अनुशंसाओं को कक्षा व्यवहार में प्रभावी ढंग से लागू करने के उपाय साझा किए।
इसके बाद आयोजित पैनल चर्चा में एससीईआरटी, समय शिक्षा, डाइट जांजगीर, डाइट बस्तर तथा शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने शिक्षण गुणवत्ता में सुधार, शिक्षक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों को बेहतर बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम के समापन पर एससीईआरटी के अधिकारियों ने टीएलपीएस रिपोर्ट के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि रिपोर्ट के निष्कर्षों के अनुरूप शिक्षकों के क्षमता विकास और कक्षा शिक्षण में आवश्यक सुधार के लिए ठोस पहल की जाएगी। अंत में प्रतिभागियों के लिए नेटवर्किंग एवं भोजन की व्यवस्था की गई।

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