सूरजपुर। सूरजपुर जिले में बाघ के शिकार से जुड़े सनसनीखेज मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भैसामुंडा ग्राम पंचायत की महिला सरपंच सिस्का कुजूर को गिरफ्तार किया है। लंबे समय से चल रही जांच और गहन पूछताछ के बाद सरपंच की संलिप्तता सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।
वन विभाग की टीम ने सरपंच के घर पर छापेमारी कर शेर के दो नाखून और बाल बरामद किए हैं। बरामद सामग्री को अहम सबूत मानते हुए विभाग ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी सरपंच को गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि बाघ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सरपंच की भूमिका सामने आने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया।
गिरफ्तारी के बाद महिला सरपंच को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 15 दिनों के न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय कारागार अंबिकापुर भेज दिया गया है। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
वन मंडल सूरजपुर के अधिकारियों के अनुसार, मामले में कई अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनसे लगातार पूछताछ जारी है और संभावित आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही है। विभाग को आशंका है कि यह मामला संगठित शिकार गिरोह से भी जुड़ा हो सकता है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाघ जैसे संरक्षित वन्यप्राणी के शिकार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पूरी कार्रवाई वन मंडल सूरजपुर के निर्देशन में की गई है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।














