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सत्ता के संरक्षण में मोजो मशरूम फैक्ट्री के हौसले बुलंद, श्रम विभाग, पर्यावरण विभाग, बाल आयोग आंख मूंदे बैठे

मोजो मशरूम के अनैतिक क्रियाकलाप पर घुटने टेक चुकी है सरकार

रायपुर । मोजो मशरूम फैक्ट्री में लगातार उजागर हो रहे गैर कानूनी गतिविधियों पर प्रशासन की खामोशी पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार के संरक्षण में ही अनैतिक गतिविधियों का संचालन हो रहा है, मोजो मशरूम फैक्ट्री के संचालको के भाजपाइयों से क्या संबंध है? यह खुलासा आवश्यक है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बावजूद प्रशासन खामोश है। मासूम बच्चों को बंधक बनाकर बालश्रम कराया जा रहा है। राजधानी रायपुर से महज़ 30 किलोमीटर पर हाईवे किनारे संचालित हो रहे इस फैक्ट्री में खतरनाक केमिकल का उपयोग हो रहा है, बिना किसी सुरक्षा मानकों के नाबालिक बच्चों से जबरिया काम कराया जा रहा है, केवल बाल श्रम ही नहीं मानव तस्करी का भी मामला है, अधिक वेतन और बेहतर सुविधा का लालच देकर उड़िसा, झारखंड, मध्यप्रदेश, आसाम, पश्चिमबंगाल से बच्चों को लाया गया है। मशरूम के खराब अवशेष और फैक्ट्री से निकलने वाले कचरे का निस्तारण उचित रीति से नहीं किया जा रहा है, राहगीर और आसपास के रहवासी असहनीय दुर्गंध से परेशान है, भू-जल दूषित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार कुम्भकर्णीय नींद में सो रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोजो मशरूम फैक्ट्री की मनमानी के खिलाफ विगत दो वर्षों में कई आंदोलन हुए, स्थानीय जनता के सतत संघर्षो के बाद बड़ी मुश्किल से एफआईआर हुए, विधानसभा में भी सवाल उठाए गए लेकिन कार्यवाही अब तक कुछ भी नहीं की गई। भाजपा के क्षेत्रीय विधायक और प्रशासन मोजो मशरूम प्रबंधन के दबंगई के आगे पूरी तरह से घुटने टेक चुका है। सत्ता के अनुचित दबाव में बाल संरक्षण आयोग , श्रम विभाग, पर्यावरण विभाग मौन साधे बैठे हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि विगत दिनों मशरूम के अपशिष्ट को खुले में फेंकने और उसको खाने से गौवंशी पशुओं की बड़ी संख्या में मौत का मामला भी सर्वविदित है, पीकरीडीह, बरोंडा, अडसेना, रायखेड़ा और उसके आसपास के कई गांवों से लगातार इसकी शिकायत आ रही है। आसपास के जलस्रोत पर भी बुरा असर पड़ा है, सरकार आम जनता के धैर्य की परीक्षा न ले, मोजो मशरूम फैक्ट्री की नैतिक गतिविधियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही करे।

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