देशभर के तकनीकी संस्थानों के छात्रों ने दिखाई कोडिंग प्रतिभा
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के ट्यूरिंग क्लब ऑफ प्रोग्रामर्स (टीसीपी) द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के कोडिंग हैकथॉन ‘कोडउत्सव 9.0’ का शुभारंभ हुआ। 28 घंटे चलने वाले इस हैकथॉन में देशभर के विभिन्न तकनीकी संस्थानों से 40 से अधिक टीमों के 150 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव, मुख्य अतिथि सत्युक्त एनालिटिक्स के सीईओ डॉ. सतकुमार तोमर और अन्य अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर डॉ. मनोज चोपकर (डीन, स्टूडेंट वेलफेयर), डॉ. समीर बाजपेयी (प्रमुख, कैरियर डेवलपमेंट सेंटर) और डॉ. पवन कुमार मिश्रा (फैकल्टी इंचार्ज, टीसीपी क्लब) सहित फैकल्टी सदस्य और छात्र उपस्थित रहे।
डॉ. समीर बाजपेयी ने विद्यार्थियों से कहा कि कोडिंग केवल विशेषज्ञों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हर इंजीनियर को अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए कोडिंग सीखनी चाहिए। मुख्य अतिथि डॉ. सतकुमार तोमर ने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट का उद्देश्य समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि हैकथॉन छात्रों में सृजनात्मकता, टीम वर्क और आत्मविश्वास बढ़ाने का उत्कृष्ट माध्यम है।
इस वर्ष ‘कोडउत्सव 9.0’ का थीम ‘कोड कार्निवल’ रखा गया है। प्रतिभागियों को पांच वास्तविक जीवन आधारित समस्याओं पर समाधान तैयार करने का मौका दिया गया है। प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए ‘ओपन इनोवेशन’ श्रेणी रखी गई है, जिसमें वे अपने विचारों पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत कर रहे हैं।
प्रमुख टीम कोडब्लडेड ने “स्किनएलाइज” नामक मशीन लर्निंग आधारित एप विकसित किया है, जो त्वचा रोगों के निदान में सहायक होगा। वहीं निर सूत्र टीम ने बहुभाषी स्पीच-टू-टेक्स्ट कनवर्टर विकसित किया है, जो श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए उपयोगी साबित होगा।
‘कोडउत्सव 9.0’ छात्रों में तकनीकी नवाचार, रचनात्मकता और वास्तविक समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करने की दिशा में एक प्रेरक पहल साबित हो रहा है।














