परिजन कर रहे दोबारा पोस्टमार्टम और एक करोड़ मुआवजे की मांग
संजय रजक अंबिकापुर/बलरामपुर। ज्वेलरी शॉप में चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए बलरामपुर जिले के युवक उमेश सिंह की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के 8 दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। परिजन मौत को संदिग्ध बताते हुए दुबारा पोस्टमार्टम और एक करोड़ रुपए मुआवजा की मांग पर अड़े हुए हैं।
उमेश का शव बलरामपुर से लाकर सरगुजा जिले के सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मरच्यूरी में रखा गया है। बीते दिनों परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया था, हालांकि आज परिजन शव लेने की बात कह रहे हैं।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस कस्टडी में उमेश के साथ मारपीट की गई, जिसके चलते उसकी मौत हुई। इसको लेकर परिजन आईजी ऑफिस का घेराव भी कर चुके हैं।
वहीं पुलिस का कहना है कि उमेश सिंह सिकल सेल बीमारी से पीड़ित था, और उसकी मौत स्वास्थ्य कारणों से हुई है, न कि मारपीट से। फिलहाल प्रशासन परिजनों से बात कर समाधान निकालने की कोशिश में जुटा है, जबकि गांव और इलाके में घटना को लेकर गहरा आक्रोश बना हुआ है।














