एनआईटी रायपुर में जनजातीय गौरव वर्ष 2025 के अंतर्गत विविध कार्यक्रमों का आयोजन
रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में जनजातीय गौरव वर्ष 2025 के अंतर्गत 1 से 15 नवंबर तक विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक और रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य देश के जनजातीय समुदायों की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और उनके अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान एवं जागरूकता बढ़ाना है।
वृक्षारोपण से हुई कार्यक्रमों की शुरुआत : 3 नवंबर को संस्थान परिसर में वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर एनआईटी रायपुर के निदेशक प्रो. एन. वी. रमना राव एवं उनकी सहधर्मी ज्योति बाला मंथ्री ने पौधा लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों से पर्यावरण संरक्षण तथा हरित परिसर निर्माण में योगदान देने की अपील की।
इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. नरेंद्र डी. लोंढे, डीन (पी एंड डी) डॉ. जी. डी. रामटेककर, डीन (छात्र कल्याण) डॉ. मनोज चोपकर, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जनजातीय नायकों पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता : जनजातीय गौरव वर्ष के तहत “आदिवासी नायक (Tribal Heroes)” विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिभागियों ने भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या भील, रानी दुर्गावती जैसे जननायकों के जीवन और संघर्ष को जानने में गहरी रुचि दिखाई।
15 नवंबर तक चलेंगे विविध आयोजन : जनजातीय गौरव वर्ष को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में विशेष रूप से मनाया जा रहा है।
इस दौरान संस्थान में कहानी लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता, इनक्यूबेशन गाइडेंस व्याख्यान, पर्यावरण विषयक प्रतियोगिता, नाटक एवं नुक्कड़ नाटक, जनजातीय नृत्य, संगीत और कला कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी।
उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मिलेगा सम्मान : कार्यक्रम के समापन सत्र में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएँगे।
संस्थान प्रशासन का कहना है कि ऐसे आयोजन से छात्रों में सांस्कृतिक चेतना, सृजनशीलता और एकता की भावना को बल मिलेगा।














