अम्बिकापुर। विगत दिनों उदयपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में विजन समाजसेवी संस्था के तत्वावधान में “मजबूत मन, मजबूत जीवन” विषय पर “जीवन अनमोल है” थीम के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में मानसिक मजबूती, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का विकास करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी संतोष दास ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चियों का अनुशासन, संघर्ष और एकाग्रता यह दर्शाती है कि वे मानसिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा उदयपुर की छात्राओं में समन्वय और एकाग्रता देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने छात्राओं को संदेश देते हुए कहा कि कभी भी जीवन से हार नहीं माननी चाहिए, भले ही पढ़ाई में अंक कम आ जाएं, लेकिन जीवन के अंक कभी कम नहीं होने चाहिए।
जन-जागरूकता कार्यक्रम की संयोजिका अधिवक्ता एवं समाजसेविका शिल्पा पाण्डेय ने कहा कि मजबूत मन ही मजबूत समाज का आधार होता है। उन्होंने छात्राओं को सकारात्मक रहने की सीख देते हुए कहा कि जब भी मन निराश हो, तब माता-पिता के संघर्ष और त्याग को याद करना चाहिए। बच्चों की परवरिश में माता-पिता जो कष्ट सहते हैं, उससे बड़ी कोई तकलीफ नहीं होती। सकारात्मक सोच ही सकारात्मक जीवन का पर्याय है।
इस अवसर पर कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की अधीक्षिका सरोजिनी प्रमिला ने विजन समाजसेवी संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के जीवन में मानसिक मजबूती सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने आश्वस्त किया कि हर परिस्थिति में विद्यालय प्रशासन छात्राओं के साथ खड़ा है।
कार्यक्रम में लगभग 200 छात्राओं ने सहभागिता की। इस दौरान कई छात्राओं ने लिखित चिट्ठियों के माध्यम से अपनी मन की बातें और मानसिक समस्याएं समाजसेविका शिल्पा पाण्डेय से साझा कीं, जिन्हें वे किसी से कह नहीं पा रही थीं। शिल्पा पाण्डेय ने एक-एक कर छात्राओं की काउंसलिंग की और उन्हें आत्मबल के साथ मजबूत जीवन जीने की प्रेरणा दी।














