अंबिकापुर (सरगुजा)। सरगुजा जिले के दरिमा इलाके में करीब चार दशक पहले बनाए गए एक बड़े जलाशय पर कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के कुछ लोग जेसीबी मशीन से तालाब में मिट्टी डलवाकर उसे पाटने की कोशिश कर रहे हैं। इससे नाराज होकर सैकड़ों ग्रामीण अपनी समस्या लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। हालांकि कलेक्टर की अनुपस्थिति में तहसीलदार ने ग्रामीणों की शिकायत सुनी और कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1975 में गांव के लोगों ने श्रमदान कर इस बड़े तालाब का निर्माण किया था। इस तालाब के बनने से गांव का जलस्तर बेहतर हुआ और खेती-किसानी के लिए भी पानी की सुविधा मिली। निस्तार से जुड़ी सभी जरूरतें इसी जलाशय से पूरी होती हैं। अब तालाब पर हो रहे कब्जे से गांव के लोगों में गहरा रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब को नहीं बचाया गया तो आने वाले समय में पूरे गांव को पेयजल और खेती के लिए पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इसी कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीण ने कहा कि यह तालाब हमारे बुजुर्गों ने मिलकर बनाया था। आज इसी तालाब की वजह से गांव में पानी है। अगर इसे पाट दिया गया तो हमारा भविष्य अंधेरे में चला जाएगा।
ग्रामीण ने कहा है कि कुछ लोग निजी फायदे के लिए तालाब को खत्म करना चाहते हैं। प्रशासन को तुरंत रोक लगानी चाहिए।
स्थानीय महिला ने कहा कि हम महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। पानी भरने से लेकर घर के सारे काम इसी तालाब के पानी से होते हैं।
तहसीलदार अंबिकापुर ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत सुनी गई है। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि तालाब पर अवैध कब्जा पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।














