अश्लील इशारे करने का मामला, न्यायालय ने 1 वर्ष का कारावास और 50 हजार का अर्थदंड सुनाया
बलरामपुर। शासकीय महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रा से छेड़खानी और अश्लील इशारे करने के मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय रामानुजगंज के न्यायाधीश ने तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य राम भजन सोनवानी को 1 वर्ष के कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 12 अगस्त 2024 को प्रभारी प्राचार्य ने कॉलेज परिसर में छात्रा के साथ अश्लील इशारे करते हुए छेड़खानी की थी। घटना से आहत छात्रा ने मामले की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिन्हें न्यायालय ने पर्याप्त और विश्वसनीय माना। इसके आधार पर आरोपी प्रभारी प्राचार्य को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई।
लोक अभियोजक का पक्ष
मामले में पैरवी कर रहे लोक अभियोजक अशोक गुप्ता ने बताया कि यह फैसला कार्यस्थलों और शिक्षण संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक सख्त संदेश देता है। छात्राओं के सम्मान और गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा। फैसले के बाद शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है।














