संजय रजक अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आबकारी विभाग की टीम और जिला डिप्टी कमिश्नर (DDC) के बीच जमकर बहस होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो दो दिन पूर्व ग्राम काराबेल का है।
सूत्रों के अनुसार, आबकारी विभाग की टीम महुआ शराब की अवैध बिक्री रोकने के लिए कार्रवाई करने गांव पहुंची थी। इस दौरान मौके पर पहुंचे डीडीसी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह क्षेत्र आदिवासी इलाका है, जहां बिना ग्राम सभा की अनुमति के कोई भी सरकारी टीम प्रवेश नहीं कर सकती।
डीडीसी ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज में महुआ से शराब बनाना और उसका सेवन पारंपरिक संस्कृति का हिस्सा है, इसलिए ऐसी कार्रवाई से पहले परंपरा और संवैधानिक अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
वहीं, आबकारी अधिकारी का कहना है कि टीम का उद्देश्य केवल अवैध बिक्री और व्यवसायिक स्तर पर महुआ शराब के लेन-देन को रोकना था, न कि परंपरागत उपयोग में हस्तक्षेप करना।
दोनों पक्षों के बीच हुई इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया है। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक हस्तक्षेप पर चर्चा तेज हो गई है।














